ज़माने के हालात देखकर मरने को मन तो करता है मेरा , मगर उस दुआ का क्या होगा जो किसी ने मांगी थी मेरी सलामती के लिए, उन आंखो का क्या होगा जो आते जाते तकती है मेरा रास्ता , उस दिल का क्या होगा जो धडकता है मेरा नाम लेकर , और उन सांसो का क्या होगा जो चलती है मेरी सांसो के साथ , मेरी उस माँ का क्या होगा जो बस्ती है मेरी धड़कन में, जिसने मेरे लिए दिन रात मेहनत की और मुझे इंसान बनाया , हा वो मेरी माँ उसका क्या होगा ..........
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